1- अदमियत
मैं सर्वश्रेष्ठ हूँ
ताल ठोकी है मैंने
और चोर दरवाजे से
पलायन की भी तैयारी है।
2- सभ्यता
मुझे नफ़रत है ऊँचे माथों से
ख़बरदार! सर झुका कर चलो
यह प्रेम किस चिड़िया का नाम है
डाल दो पिंजरे में, मुसीबत पार करायेगी
3- ठेकेदार
और सुनो; छोटी जाति के अछूत शूद्रों
ज़िन्दा चुनवा दूंगा 'हकूक' की बातें की तो
भाग्य ऊपर लिखाता है, तुम मूर्ख क्या जानो
मंदिर अपवित्र किये तो खाल उधेड़ दूंगा।
4- गिरगिट
ए-ठकुराईन! हमारे कपड़े कहाँ रखी हो
अरे वही, जो गिरगिटिया गुणों से लैस है
दरअसल हम एक बड़े जलसे में जा रहे हैं
जहाँ भाँति-भाँति के गिरगिट आने वाले हैं।

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